अगर आप WhatsApp इस्तेमाल करते हैं तो आने वाले दिनों में आपको एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार एक नया नियम लागू करने जा रही है, जिसे Whatsapp Sim Binding कहा जा रहा है। इस नियम के लागू होने के बाद WhatsApp, Telegram और Signal जैसे मैसेजिंग ऐप्स को चलाने के लिए वही सिम कार्ड फोन में लगा होना जरूरी होगा, जिससे अकाउंट बनाया गया है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो आपका WhatsApp अकाउंट बंद भी हो सकता है। देश में करोड़ों लोग रोजाना WhatsApp का इस्तेमाल कॉलिंग, मैसेजिंग, ऑफिस के काम और पढ़ाई के लिए करते हैं। ऐसे में यह नया नियम सीधे तौर पर आम यूजर्स की रोजमर्रा की आदतों को प्रभावित करने वाला है। यही वजह है कि Whatsapp Sim Binding को लेकर लोगों के मन में कई सवाल और चिंताएं हैं।
क्या है Whatsapp Sim Binding
Whatsapp Sim Binding का सीधा मतलब है कि जिस मोबाइल नंबर से आपने WhatsApp अकाउंट बनाया है, वही सिम कार्ड आपके फोन में होना चाहिए। अगर आपने वह सिम निकाल दिया, बंद कर दिया या किसी दूसरे फोन में डाल दिया, तो WhatsApp काम करना बंद कर सकता है। अब तक ऐसा होता था कि एक बार नंबर वेरिफिकेशन के बाद आप बिना सिम लगाए भी WhatsApp चला सकते थे। लोग एक ही अकाउंट को फोन, टैबलेट और कंप्यूटर पर इस्तेमाल कर लेते थे। लेकिन नए नियम के लागू होने के बाद ऐसा करना मुश्किल हो जाएगा। सरकार चाहती है कि WhatsApp अकाउंट और सिम कार्ड हमेशा एक-दूसरे से जुड़े रहें।
फरवरी 2026 से लागू
सरकार ने इस नियम को लागू करने के लिए पहले ही टेक कंपनियों को 90 दिन का समय दिया था। यह समय फरवरी 2026 में पूरा होने जा रहा है। अगर इस दौरान सरकार की तरफ से कोई नया आदेश या राहत नहीं मिलती है, तो फरवरी 2026 से Whatsapp Sim Binding लागू हो सकता है। इसका मतलब यह है कि आने वाले 15 दिनों या कुछ ही हफ्तों में WhatsApp का तरीका पूरी तरह बदल सकता है। जिन यूजर्स के फोन में WhatsApp अकाउंट से जुड़ा सिम कार्ड नहीं होगा, उनका अकाउंट बंद हो सकता है या लॉगआउट किया जा सकता है।
अब बिना सिम WhatsApp नहीं
नए नियम के बाद फोन में बिना सिम लगाए WhatsApp चलाना संभव नहीं होगा। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो पुराने फोन में सिम रखकर नए फोन में WhatsApp चला लेते हैं। कई लोग ऑफिस के फोन और पर्सनल फोन में अलग-अलग तरीके से WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं। Whatsapp Sim Binding लागू होने के बाद ऐसी सभी ट्रिक्स काम नहीं करेंगी। अगर WhatsApp को चलाना है तो उसी नंबर का सिम उसी फोन में होना जरूरी होगा। इससे फर्जी अकाउंट और गलत इस्तेमाल पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
एक अकाउंट, कई डिवाइस का खेल खत्म
अभी तक WhatsApp एक ही अकाउंट को कई डिवाइस पर चलाने की सुविधा देता है। लोग अपने फोन के साथ लैपटॉप, टैबलेट और ऑफिस कंप्यूटर पर भी WhatsApp चला लेते हैं। लेकिन नए नियम के बाद यह सुविधा सीमित हो सकती है। Whatsapp Sim Binding के बाद एक ही अकाउंट को कई डिवाइस पर लंबे समय तक एक्टिव रखना मुश्किल होगा। अगर फोन में सिम नहीं होगा, तो दूसरे डिवाइस पर भी WhatsApp अपने आप बंद हो सकता है।
डेस्कटॉप यूजर्स को झटका
जो लोग ऑफिस या काम के लिए कंप्यूटर पर WhatsApp इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए यह नियम परेशानी का कारण बन सकता है। जानकारी के मुताबिक, Whatsapp Sim Binding लागू होने के बाद WhatsApp डेस्कटॉप वर्जन हर 6 घंटे में अपने आप लॉगआउट हो सकता है। इसका मतलब यह होगा कि यूजर्स को बार-बार अपने फोन से WhatsApp को कंप्यूटर से लिंक करना पड़ेगा। जिन लोगों का ज्यादातर काम कंप्यूटर पर WhatsApp से होता है, उनके लिए यह काफी झंझट भरा साबित हो सकता है।
क्यों शुरू होगा Whatsapp Sim Binding
सरकार का कहना है कि यह फैसला बढ़ती साइबर ठगी और ऑनलाइन फ्रॉड को रोकने के लिए लिया गया है। कई बार देखा गया है कि कुछ लोग भारतीय मोबाइल नंबर की सिम का गलत इस्तेमाल करते हैं। वे सिम को देश से बाहर ले जाकर या इंटरनेट कॉलिंग के जरिए ठगी करते हैं। क्योंकि अभी WhatsApp जैसे ऐप्स सिर्फ एक बार नंबर वेरिफिकेशन करते हैं, इसलिए अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो जाता है। Whatsapp Sim Binding लागू होने के बाद अकाउंट और सिम हमेशा जुड़े रहेंगे, जिससे फर्जीवाड़ा करना आसान नहीं रहेगा।
आम यूजर्स पर असर
Whatsapp Sim Binding का असर सिर्फ गलत काम करने वालों पर ही नहीं, बल्कि आम यूजर्स पर भी पड़ेगा। जो लोग अलग-अलग फोन में बिना सिम लगाए WhatsApp चलाते हैं, उन्हें परेशानी हो सकती है। इसके अलावा जिनके पास दो फोन हैं और एक ही अकाउंट दोनों में चलाते हैं, उनके लिए भी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। ऑफिस में काम करने वाले लोग, जो कंप्यूटर पर WhatsApp का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उन्हें बार-बार लॉगिन करना पड़ सकता है। हालांकि सरकार का मानना है कि थोड़ी असुविधा के बदले यह नियम लोगों को ज्यादा सुरक्षित बनाएगा।
अभी से करें तैयारी
अगर आप WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं तो अभी से यह सुनिश्चित कर लें कि जिस नंबर से आपका अकाउंट बना है, वही सिम आपके फोन में एक्टिव हो। अगर आपने सिम किसी और फोन में डाल रखा है या बंद करके रखा है, तो उसे वापस अपने मुख्य फोन में लगाना बेहतर रहेगा। आने वाले दिनों में WhatsApp और दूसरी कंपनियां इस नियम को लेकर अपने ऐप में बदलाव कर सकती हैं। ऐसे में समय रहते जानकारी रखना और नियमों को समझना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
आगे क्या बदल सकता है
फिलहाल यह देखना बाकी है कि सरकार इस नियम को पूरी सख्ती से लागू करती है या टेक कंपनियों को और समय देती है। लेकिन इतना तय है कि Whatsapp Sim Binding आने के बाद WhatsApp इस्तेमाल करने का तरीका पहले जैसा नहीं रहेगा। यह नियम अगर सही तरीके से लागू होता है, तो साइबर ठगी पर लगाम लग सकती है। वहीं आम यूजर्स को भी नई आदतें डालनी होंगी।
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Whatsapp Sim Binding Rule Details
| जानकारी | विवरण |
|---|---|
| नियम का नाम | Whatsapp Sim Binding |
| लागू होने की संभावित तारीख | फरवरी 2026 |
| किन ऐप्स पर लागू | WhatsApp, Telegram, Signal |
| मुख्य शर्त | अकाउंट वाले नंबर का सिम फोन में होना जरूरी |
| बिना सिम क्या होगा | WhatsApp अकाउंट बंद हो सकता है |
| मल्टी डिवाइस यूज | सीमित हो जाएगा |
| डेस्कटॉप असर | हर 6 घंटे में लॉगआउट संभव |
| नियम का उद्देश्य | साइबर ठगी और सिम के गलत इस्तेमाल पर रोक |



