Tech Info: आज के समय में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है। कॉल करना, मैसेज भेजना, वीडियो देखना, ऑनलाइन क्लास, ऑफिस मीटिंग और सोशल मीडिया, सब कुछ इसी छोटे से डिवाइस पर हो रहा है। लेकिन क्या आपने कभी अपने फोन को ध्यान से देखा है? अगर देखा होगा, तो आपने जरूर नोट किया होगा कि फोन के चार्जिंग पोर्ट के पास एक बहुत छोटा सा छेद बना होता है। हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर लोग इस छेद को नजरअंदाज कर देते हैं या फिर उसे सिम ट्रे समझ बैठते हैं।
Tech Info से जुड़ी यह जानकारी बहुत जरूरी है, क्योंकि यही छोटा सा छेद आपकी कॉल क्वालिटी और आवाज की साफता में बड़ी भूमिका निभाता है। कई बार लोग इस छेद में पिन या नुकीली चीज डाल देते हैं, जिससे फोन खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि हर स्मार्टफोन यूजर को इस छोटे से छेद के बारे में सही जानकारी हो।
छेद का असली काम
अक्सर लोगों को लगता है कि फोन में सिम ट्रे निकालने के लिए ही हर जगह छोटा छेद दिया जाता है। लेकिन चार्जिंग पोर्ट के पास जो छेद होता है, वह सिम ट्रे नहीं होता। असल में यह फोन का प्राइमरी माइक्रोफोन होता है। यही माइक्रोफोन आपकी आवाज को सामने वाले तक पहुंचाने का काम करता है। जब आप किसी को कॉल करते हैं, वॉयस मैसेज भेजते हैं या फिर वीडियो रिकॉर्ड करते हैं, तो आपकी आवाज इसी माइक्रोफोन से रिकॉर्ड होती है। अगर यह माइक्रोफोन ठीक से काम न करे, तो कॉल पर आपकी आवाज धीमी, कटी-कटी या बिल्कुल साफ नहीं सुनाई देगी। इसलिए यह छोटा सा छेद फोन का बहुत जरूरी हिस्सा है।
क्यों जरूरी है माइक्रोफोन का नीचे होना
Tech Info की बात करें तो फोन के डिजाइन में हर चीज सोच-समझकर रखी जाती है। माइक्रोफोन को अक्सर फोन के निचले हिस्से में इसलिए लगाया जाता है, क्योंकि जब हम फोन को कान से लगाकर बात करते हैं, तो हमारा मुंह नीचे की तरफ होता है। इससे आवाज सीधे माइक्रोफोन तक पहुंचती है और साफ तरीके से रिकॉर्ड होती है। अगर माइक्रोफोन किसी और जगह होता, तो आवाज ठीक से कैप्चर नहीं हो पाती। इसी वजह से ज्यादातर स्मार्टफोन में चार्जिंग पोर्ट के पास माइक्रोफोन दिया जाता है। इससे कॉलिंग एक्सपीरियंस बेहतर रहता है और सामने वाले को आपकी आवाज साफ सुनाई देती है।
कई माइक्रोफोन क्यों
आजकल के स्मार्टफोन्स सिर्फ एक माइक्रोफोन तक सीमित नहीं हैं। कई फोन में दो या उससे ज्यादा माइक्रोफोन दिए जाते हैं। इनमें से एक प्राइमरी माइक्रोफोन होता है, जो आपकी आवाज रिकॉर्ड करता है। दूसरा माइक्रोफोन नॉइज कैंसिलेशन के लिए होता है। नॉइज कैंसिलेशन माइक्रोफोन का काम आसपास के शोर को पकड़ना होता है। जैसे हवा की आवाज, सड़क का ट्रैफिक, पंखे या भीड़ की आवाज। फोन का सॉफ्टवेयर इन दोनों माइक्रोफोन से आने वाली आवाज को समझकर बैकग्राउंड शोर को कम कर देता है। इससे कॉल पर सिर्फ आपकी आवाज ही साफ सुनाई देती है।
नॉइज कैंसिलेशन कैसे करता है काम
Tech Info में यह जानना भी जरूरी है कि नॉइज कैंसिलेशन आखिर काम कैसे करता है। फोन के अंदर मौजूद सॉफ्टवेयर दोनों माइक्रोफोन से मिलने वाली आवाज को प्रोसेस करता है। प्राइमरी माइक्रोफोन आपकी आवाज रिकॉर्ड करता है, जबकि दूसरा माइक्रोफोन आसपास के शोर को पहचानता है। इसके बाद फोन का सिस्टम अनचाहे शोर को हटाकर आपकी आवाज को साफ बना देता है। यही वजह है कि आजकल बजट स्मार्टफोन्स में भी कॉल क्वालिटी पहले के मुकाबले काफी बेहतर हो गई है। वीडियो रिकॉर्डिंग के दौरान भी बैकग्राउंड शोर कम सुनाई देता है।
ऊपर की तरफ भी छेद

कई लोगों ने देखा होगा कि कुछ फोनों में ऊपर की तरफ भी छोटा सा छेद होता है। यह भी माइक्रोफोन ही होता है। इसका इस्तेमाल वीडियो रिकॉर्डिंग, स्पीकर कॉल और नॉइज कैंसिलेशन के लिए किया जाता है। जब आप वीडियो बनाते हैं या स्पीकर पर बात करते हैं, तो ऊपर और नीचे दोनों माइक्रोफोन मिलकर आवाज को बेहतर तरीके से रिकॉर्ड करते हैं। इससे साउंड ज्यादा नैचुरल और बैलेंस्ड लगती है।
छेद में पिन डालना है खतरनाक
Tech Info से जुड़ी सबसे जरूरी बात यही है कि इस छोटे छेद में कभी भी पिन, सुई या कोई नुकीली चीज नहीं डालनी चाहिए। बहुत से लोग इसे सिम ट्रे समझकर पिन डाल देते हैं, जिससे माइक्रोफोन खराब हो सकता है। अगर माइक्रोफोन डैमेज हो गया, तो फोन में कई तरह की दिक्कतें आने लगती हैं। कॉल पर आवाज नहीं जाती, वॉयस रिकॉर्डिंग काम नहीं करती और वीडियो बनाते समय आवाज गायब हो जाती है। कई मामलों में फोन को सर्विस सेंटर ले जाना पड़ता है, जिससे खर्च भी बढ़ जाता है।
गंदगी और धूल से कैसे बचाएं
चार्जिंग पोर्ट के पास बना यह छेद छोटा जरूर है, लेकिन इसमें धूल और मिट्टी जमा हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो माइक्रोफोन की आवाज धीमी हो सकती है। इसे साफ करने के लिए कभी भी नुकीली चीज का इस्तेमाल न करें। हल्के से हवा फूंकने या सॉफ्ट ब्रश का इस्तेमाल किया जा सकता है। अगर फिर भी आवाज में दिक्कत हो, तो बेहतर है कि फोन को सर्विस सेंटर दिखाया जाए।
स्मार्टफोन यूजर के लिए जरूरी
Tech Info की यह जानकारी हर उस व्यक्ति के लिए जरूरी है, जो स्मार्टफोन का इस्तेमाल करता है। छोटी सी जानकारी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। कई बार लोग अनजाने में फोन के जरूरी हिस्से को खराब कर देते हैं और बाद में पछताते हैं। अगर आपको यह पता हो कि चार्जिंग पोर्ट के पास बना छोटा छेद क्या काम करता है, तो आप कभी भी उसमें पिन नहीं डालेंगे। इससे आपका फोन लंबे समय तक सही हालत में रहेगा और कॉल क्वालिटी भी बनी रहेगी।
स्मार्टफोन को समझना जरूरी
आज के दौर में स्मार्टफोन सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि हमारी जरूरत बन चुका है। ऐसे में जरूरी है कि हम इसके छोटे-छोटे हिस्सों के बारे में भी सही जानकारी रखें। Tech Info से जुड़ी ऐसी बातें न सिर्फ आपके फोन को सुरक्षित रखती हैं, बल्कि आपको एक समझदार यूजर भी बनाती हैं। अगली बार जब आप किसी के फोन में चार्जिंग पोर्ट के पास बना छोटा छेद देखें, तो आप आसानी से बता सकेंगे कि यह सिम ट्रे नहीं, बल्कि माइक्रोफोन है।
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स्मार्टफोन माइक्रोफोन से जुड़ी जानकारी
| फीचर | जानकारी |
|---|---|
| लोकेशन | चार्जिंग पोर्ट के पास |
| नाम | प्राइमरी माइक्रोफोन |
| काम | कॉल और आवाज रिकॉर्ड करना |
| अतिरिक्त माइक्रोफोन | नॉइज कैंसिलेशन के लिए |
| खतरा | पिन डालने से माइक्रोफोन खराब |
| फायदा | साफ कॉल और बेहतर ऑडियो |



