अब शुगर टेस्ट में नहीं होगा दर्द, सिर्फ सांस से चलेगा काम!

Sugar Test Machine को लेकर जो खबर सामने आई है, वह डायबिटीज से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए किसी राहत से कम नहीं है। अब तक शुगर लेवल चेक करने का मतलब था उंगली में सुई चुभाना, खून निकालना और फिर रिपोर्ट का इंतजार करना। कई लोगों के लिए यह रोज का दर्द बन चुका है। लेकिन अब एक नई टेक्नोलॉजी पर काम चल रहा है, जो इस पूरी प्रक्रिया को बदल सकती है। आने वाले समय में शुगर टेस्ट के लिए न सुई की जरूरत होगी और न ही खून की एक बूंद निकालनी पड़ेगी।

इस नई Sugar Test Machine की सबसे खास बात यह है कि यह सांस के जरिए शुगर लेवल का पता लगा सकती है। यानी बस डिवाइस में फूंक मारनी होगी और कुछ ही सेकंड में रिजल्ट सामने आ जाएगा। यह तकनीक अभी टेस्टिंग स्टेज में है, लेकिन जिस तरह से इसके नतीजे सामने आ रहे हैं, उससे उम्मीद बढ़ गई है कि भविष्य में डायबिटीज जांच पूरी तरह आसान और दर्द रहित हो सकती है।

सुई के डर से छुटकारा

डायबिटीज के मरीजों को रोज या हफ्ते में कई बार ब्लड शुगर चेक करना पड़ता है। इसके लिए ग्लूकोमीटर, टेस्ट स्ट्रिप और सुई की जरूरत होती है। बार-बार उंगली में सुई चुभने से दर्द होता है और कई बार घाव भी बन जाता है। यही वजह है कि बहुत से लोग नियमित जांच से बचते हैं, जो आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है। Sugar Test Machine की यह नई तकनीक उन लोगों के लिए वरदान बन सकती है, जो सुई से डरते हैं या जिन्हें रोज-रोज टेस्ट करना मुश्किल लगता है। अगर शुगर जांच आसान हो जाएगी, तो लोग समय पर अपनी बीमारी पर ध्यान देंगे और कंट्रोल भी बेहतर हो सकेगा।

सांस से मापेंगे शुगर लेवल

अब सवाल यह है कि सांस से शुगर लेवल कैसे मापा जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बदलता है, तो सांस में कुछ खास तरह के केमिकल बदलाव भी होते हैं। खासतौर पर सांस में एसिटोन जैसे ऑर्गेनिक कंपाउंड्स की मात्रा बढ़ या घट जाती है। नई Sugar Test Machine इसी बदलाव को पकड़ती है। यह डिवाइस सांस में मौजूद कंपाउंड्स का एनालिसिस करके यह बताती है कि शरीर में ग्लूकोज का लेवल क्या है। इस तकनीक को काफी समय से रिसर्च किया जा रहा था, लेकिन अब इसे एक काम करने वाले डिवाइस के रूप में तैयार किया जा रहा है।

Isaac नाम की खास डिवाइस

जिस Sugar Test Machine की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, उसका नाम Isaac बताया गया है। यह डिवाइस अभी पेंडेंट जैसे आकार में तैयार की गई है। यूजर को बस इस डिवाइस के पास अपनी सांस छोड़नी होती है और कुछ सेकंड में स्क्रीन पर रिजल्ट मिल जाता है। Isaac की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें खून निकालने की जरूरत नहीं पड़ती। यही वजह है कि इसे पूरी तरह नॉन-इनवेसिव टेक्नोलॉजी कहा जा रहा है। यानी शरीर में किसी तरह की सुई या कट नहीं लगाया जाता।

क्लिनिकल ट्रायल शुरू

Sugar Test Machine को लेकर सबसे बड़ी बात यह है कि इसका क्लिनिकल ट्रायल भी शुरू हो चुका है। अमेरिका की इंडियाना यूनिवर्सिटी में इस डिवाइस पर टेस्ट किए जा रहे हैं। रिसर्चर्स इसकी तुलना अभी इस्तेमाल होने वाले ब्लड ग्लूकोज मॉनिटर से कर रहे हैं। इन ट्रायल्स का मकसद यह देखना है कि सांस से मिलने वाला रिजल्ट कितना सटीक है और क्या यह रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए भरोसेमंद हो सकता है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार इस तकनीक में काफी संभावनाएं नजर आ रही हैं, हालांकि अभी फाइनल नतीजों का इंतजार है।

टेस्ट करने का तरीका आसान

अगर यह Sugar Test Machine आम लोगों के लिए आती है, तो इसका इस्तेमाल बेहद आसान होगा। यूजर को डिवाइस के पास जाकर सिर्फ सांस छोड़नी होगी। कोई सुई, कोई स्ट्रिप और कोई खून नहीं। कुछ ही सेकंड में स्क्रीन पर शुगर लेवल की जानकारी मिल जाएगी। इस आसान तरीके की वजह से बुजुर्ग, बच्चे और वो लोग भी आसानी से शुगर टेस्ट कर पाएंगे, जो अभी इस प्रक्रिया से बचते हैं। इससे समय पर जांच और इलाज संभव हो सकेगा।

FDA की मंजूरी का इंतजार

फिलहाल यह Sugar Test Machine रिसर्च और ट्रायल स्टेज में है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अगले साल तक इस तकनीक को अमेरिका के रेगुलेटर FDA से मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर FDA से अप्रूवल मिल जाता है, तो यह डिवाइस मेडिकल इस्तेमाल के लिए पूरी तरह तैयार मानी जाएगी। FDA की मंजूरी मिलने के बाद इसे बड़े स्तर पर बाजार में उतारा जा सकता है। इसके बाद दूसरे देशों में भी इस तकनीक के पहुंचने का रास्ता साफ हो जाएगा।

Apple Watch से कनेक्शन

Sugar Test Machine को लेकर Apple Watch का नाम भी काफी चर्चा में है। Apple पहले से ही अपनी स्मार्ट वॉच में हेल्थ से जुड़े कई फीचर्स देता है। रिपोर्ट्स के अनुसार Apple ऐसी टेक्नोलॉजी पर लंबे समय से काम कर रहा है, जिससे बिना खून निकाले शुगर लेवल मापा जा सके। Isaac जैसी टेक्नोलॉजी अगर सफल होती है और इसे छोटा किया जा सकता है, तो भविष्य में इसे Apple Watch जैसे वियरेबल डिवाइस में फिट किया जा सकता है। Apple के इंजीनियर बड़े सेंसर को छोटे साइज में बदलने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में यह मुमकिन है कि आने वाले समय में घड़ी पहनते ही शुगर लेवल की जानकारी मिल जाए।

नई तकनीक की जरूरत

दुनिया भर में 10 प्रतिशत से ज्यादा लोग डायबिटीज से प्रभावित हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से आधे से ज्यादा लोगों को अपनी बीमारी के बारे में पता ही नहीं होता। समय पर जांच न होने की वजह से डायबिटीज धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है। अगर Sugar Test Machine जैसी तकनीक आम लोगों तक पहुंचती है, तो ज्यादा लोग आसानी से अपनी जांच कर पाएंगे। इससे बीमारी की पहचान जल्दी होगी और इलाज भी समय पर शुरू हो सकेगा।

क्या यह सच में होगी गेम चेंजर

Sugar Test Machine को लेकर उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। अगर यह तकनीक सटीक और भरोसेमंद साबित होती है, तो यह डायबिटीज मैनेजमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव ला सकती है। रोज सुई चुभाने से छुटकारा मिलना अपने आप में बड़ी राहत होगी। हालांकि अभी इसे आम बाजार में आने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन जिस दिशा में रिसर्च आगे बढ़ रही है, उससे साफ है कि भविष्य में शुगर टेस्ट पहले से कहीं ज्यादा आसान और दर्द रहित होगा।

भविष्य में बदलाव

भविष्य में Sugar Test Machine सिर्फ एक अलग डिवाइस तक सीमित नहीं रह सकती। इसे स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड और दूसरे वियरेबल डिवाइस में जोड़ा जा सकता है। इससे लोग बिना किसी झंझट के दिन में कई बार अपना शुगर लेवल चेक कर सकेंगे। यह तकनीक न सिर्फ डायबिटीज मरीजों के लिए, बल्कि हेल्थ टेक्नोलॉजी की दुनिया के लिए भी एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

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Sugar Test Machine (Isaac) – Expected Specifications

फीचरडिटेल
डिवाइस का नामIsaac
टेस्ट तरीकासांस (Breath) के जरिए
ब्लड सैंपलजरूरत नहीं
टेक्नोलॉजीसांस में मौजूद ऑर्गेनिक कंपाउंड्स का एनालिसिस
रिजल्ट टाइमकुछ सेकंड
क्लिनिकल ट्रायलइंडियाना यूनिवर्सिटी, USA
रेगुलेटरी स्टेटसFDA अप्रूवल का इंतजार
भविष्य का उपयोगApple Watch और वियरेबल डिवाइस

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