नया लैपटॉप लिया है? ये Laptop Settings नहीं कीं तो 6 महीने में स्लो हो जाएगा!

नया लैपटॉप खरीदना हर किसी के लिए एक खास पल होता है। चाहे वह स्टूडेंट हो, ऑफिस में काम करने वाला हो या फिर घर से ऑनलाइन काम करने वाला यूजर, नया लैपटॉप एक नई शुरुआत जैसा लगता है। सिस्टम फास्ट होता है, स्टोरेज खाली होती है और विंडोज बिल्कुल नया-नया सा नजर आता है। लेकिन कई लोग सिर्फ लैपटॉप ऑन करके इस्तेमाल शुरू कर देते हैं और जरूरी Laptop Settings को नजरअंदाज कर देते हैं। यही गलती आगे चलकर स्लो परफॉर्मेंस, जल्दी बैटरी खत्म होने और डाटा से जुड़ी दिक्कतों की वजह बन जाती है।

असल में फैक्ट्री से आने वाला विंडोज लैपटॉप पूरी तरह यूजर के हिसाब से सेट नहीं होता। उसमें कई ऐसी सेटिंग्स और ऐप्स होते हैं जो या तो बेकार होते हैं या सही तरीके से कन्फिगर नहीं किए गए होते हैं। अगर शुरुआत में ही थोड़ी समझदारी से Laptop Settings को सही कर लिया जाए, तो लैपटॉप लंबे समय तक स्मूद चलता है और बार-बार हैंग या स्लो होने की समस्या नहीं आती।

सबसे पहले विंडोज सेटअप

नया लैपटॉप चालू करते ही लोग अक्सर अपडेट को नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही सबसे जरूरी स्टेप होता है। चाहे आपने माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से लॉग-इन किया हो या लोकल अकाउंट से, विंडोज अपडेट तुरंत चेक करना चाहिए। कई बार नए लैपटॉप फैक्ट्री से निकलने के बाद महीनों तक स्टोर या गोदाम में पड़े रहते हैं। इस दौरान विंडोज के कई जरूरी सिक्योरिटी अपडेट आ चुके होते हैं। अगर अपडेट इंस्टॉल नहीं किए गए, तो सिस्टम वायरस और मैलवेयर के लिए आसान टारगेट बन सकता है। सही Settings में सबसे पहला काम यही है कि सभी पेंडिंग अपडेट डाउनलोड करके इंस्टॉल किए जाएं और सिस्टम को बार-बार रीस्टार्ट करके कन्फर्म किया जाए कि कोई अपडेट बाकी न रह जाए।

फालतू ऐप्स पर लगाम

अधिकतर कंपनियां अपने नए लैपटॉप में कई ट्रायल सॉफ्टवेयर, गेम्स और प्रमोशनल ऐप्स पहले से इंस्टॉल करके देती हैं। देखने में ये harmless लगते हैं, लेकिन ये बैकग्राउंड में रन होकर रैम, स्टोरेज और बैटरी तीनों पर असर डालते हैं। कई यूजर्स को पता ही नहीं चलता कि उनका लैपटॉप धीरे क्यों हो रहा है। Laptop Settings को बेहतर बनाने के लिए ऐसे सभी ऐप्स को हटाना जरूरी है जिनकी जरूरत नहीं है। अनावश्यक सॉफ्टवेयर हटाने से न सिर्फ स्टोरेज खाली होती है, बल्कि सिस्टम पहले से ज्यादा फास्ट महसूस होता है। खासकर बजट लैपटॉप में यह स्टेप बहुत फर्क डालता है।

सही सॉफ्टवेयर करें इंस्टॉल

हर यूजर की जरूरत अलग होती है। कोई पढ़ाई के लिए लैपटॉप लेता है, कोई ऑफिस वर्क के लिए और कोई एंटरटेनमेंट या गेमिंग के लिए। इसलिए Laptop Settings के साथ-साथ जरूरी सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करना भी जरूरी होता है। वेब ब्राउज़िंग के लिए कई अच्छे विकल्प मौजूद हैं और ऑफिस वर्क के लिए भी कई टूल्स मिल जाते हैं। पीडीएफ फाइल्स पढ़ने, क्लाउड में डाटा सेव करने और वीडियो कॉलिंग के लिए सही ऐप्स चुनना लैपटॉप के इस्तेमाल को आसान बना देता है। सही सॉफ्टवेयर होने से सिस्टम पर अनावश्यक लोड भी नहीं पड़ता।

टचपैड और कीबोर्ड सेटिंग्स

नया लैपटॉप होते हुए भी अगर टचपैड ज्यादा सेंसिटिव हो या कर्सर बार-बार गलत जगह चला जाए, तो काम करने में चिढ़ होने लगती है। बहुत से लोग इस परेशानी को हार्डवेयर की कमी समझ लेते हैं, जबकि असल वजह गलत Laptop Settings होती है। टचपैड के जेस्चर, स्क्रॉल स्पीड और कर्सर मूवमेंट को अपने हिसाब से सेट किया जाए, तो काम काफी स्मूद हो जाता है। इसी तरह फंक्शन कीज़ और कीबोर्ड शॉर्टकट्स को समझना और कस्टमाइज करना रोजमर्रा के काम को तेज बना देता है।

बैटरी और पावर सेटिंग्स

अक्सर लोग शिकायत करते हैं कि नया लैपटॉप भी ज्यादा बैकअप नहीं देता। जबकि सच्चाई यह है कि डिफॉल्ट Laptop Settings हर यूजर के लिए सही नहीं होतीं। पावर और बैटरी से जुड़ी सेटिंग्स को सही तरीके से बदलने पर बैटरी लाइफ में अच्छा फर्क देखा जा सकता है। स्क्रीन ब्राइटनेस को थोड़ा कम रखना, बैकग्राउंड ऐप्स को सीमित करना और सही पावर मोड चुनना बैटरी को लंबे समय तक चलाने में मदद करता है। छोटे-छोटे बदलाव मिलकर 30 से 60 मिनट तक अतिरिक्त बैकअप दिला सकते हैं।

सिक्योरिटी सेटिंग्स

आज के समय में लैपटॉप सिर्फ काम का साधन नहीं है, बल्कि इसमें हमारी पर्सनल फोटो, डॉक्यूमेंट्स और जरूरी जानकारी भी रहती है। ऐसे में Settings में सिक्योरिटी का ध्यान रखना बहुत जरूरी हो जाता है। विंडोज हैलो जैसे फीचर्स पिन, फिंगरप्रिंट या फेस रिकॉग्निशन के जरिए सिस्टम को सुरक्षित बनाते हैं। इसके अलावा डिवाइस एन्क्रिप्शन या बिटलॉकर जैसे फीचर्स चोरी की स्थिति में डाटा को गलत हाथों में जाने से बचाते हैं। बहुत से लोग इन फीचर्स को ऑन ही नहीं करते और बाद में पछताते हैं।

बैकअप और सिस्टम रिस्टोर

नया लैपटॉप लेते ही बैकअप बनाना अक्सर लोग जरूरी नहीं समझते। लेकिन यही आदत आगे चलकर बड़ा नुकसान करा सकती है। सिस्टम क्रैश, वायरस अटैक या हार्डवेयर खराब होने की स्थिति में पूरा डाटा मिनटों में गायब हो सकता है। Laptop Settings में बैकअप और सिस्टम रिस्टोर का ऑप्शन मौजूद होता है, जिसे शुरुआत में ही सेट कर लेना चाहिए। इससे किसी भी बड़ी समस्या में सिस्टम को पुराने सेफ स्टेट में वापस लाया जा सकता है।

परफॉर्मेंस सेटिंग्स

लैपटॉप की परफॉर्मेंस सिर्फ प्रोसेसर और रैम पर निर्भर नहीं करती। सही Laptop Settings से भी सिस्टम को तेज बनाया जा सकता है। मेमोरी ऑप्टिमाइजेशन, टेंपरेरी फाइल्स की सफाई और विजुअल इफेक्ट्स को बैलेंस करने से लैपटॉप ज्यादा स्मूद चलता है। खासतौर पर पुराने या मिड-रेंज लैपटॉप में ये सेटिंग्स बड़ा फर्क दिखाती हैं और रोजमर्रा के काम को आसान बना देती हैं।

फाइंड माय डिवाइस

लैपटॉप खो जाना या चोरी हो जाना किसी के लिए भी बुरा सपना होता है। लेकिन सही Laptop Settings होने पर नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। फाइंड माय डिवाइस फीचर से लैपटॉप की लोकेशन ट्रैक की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर उसे रिमोटली लॉक भी किया जा सकता है। इस फीचर के लिए माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट से साइन-इन होना जरूरी होता है, इसलिए इसे शुरुआत में ही एक्टिव करना समझदारी है।

प्राइवेसी विंडोज सेटिंग्स

विंडोज 11 में कई स्मार्ट फीचर्स होते हैं, लेकिन हर फीचर हर यूजर के लिए जरूरी नहीं होता। कुछ डिफॉल्ट सेटिंग्स आपकी प्राइवेसी पर असर डाल सकती हैं। Laptop Settings में प्राइवेसी से जुड़े ऑप्शन को समझकर गैर-जरूरी डाटा शेयरिंग, विज्ञापन और लोकेशन एक्सेस को बंद किया जा सकता है। इसके अलावा डिफॉल्ट ऐप्स को अपने हिसाब से सेट करना और फाइल एक्सटेंशन दिखाने का ऑप्शन ऑन करना भी सुरक्षा के लिहाज से जरूरी होता है।

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Recommended Settings Overview

CategoryRecommended Setting
Operating SystemWindows 11 (Latest Updates Installed)
Security LoginWindows Hello (PIN / Fingerprint / Face)
Device EncryptionBitLocker / Device Encryption Enabled
Power ModeBalanced or Best Energy Efficiency
Screen BrightnessMedium (Adjusted Manually)
Background AppsLimited / Disabled
Backup OptionSystem Backup + Restore Point Enabled
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