फोन खरीदते ही ये 5 सेटिंग नहीं बदलीं तो आधी परफॉर्मेंस ही मिलेगी!

Important Phone Settings: नया स्मार्टफोन लेने के बाद ज्यादातर लोग यही सोचते हैं कि अब सब कुछ अपने आप सही चलेगा। फोन ऑन किया, अकाउंट लॉगिन किया और इस्तेमाल शुरू कर दिया। लेकिन कुछ दिनों बाद ही शिकायतें आने लगती हैं। कभी फोन स्लो लगता है, कभी बैटरी जल्दी खत्म हो जाती है, तो कभी डिस्प्ले उतनी स्मूद नहीं लगती जितनी उम्मीद थी। ऐसे में लोग मान लेते हैं कि शायद फोन ही ठीक नहीं है। जबकि सच्चाई यह है कि फोन में कोई खराबी नहीं होती, बल्कि कुछ जरूरी सेटिंग्स सही तरीके से नहीं की जातीं।

आजकल के स्मार्टफोन काफी पावरफुल होते हैं। कंपनी उनमें अच्छे प्रोसेसर, हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले और बड़ी बैटरी देती है, लेकिन डिफॉल्ट सेटिंग्स ऐसी रखी जाती हैं जिससे बैटरी ज्यादा चले। इसी वजह से फोन की पूरी ताकत यूजर को नहीं मिल पाती। अगर फोन खरीदते ही कुछ Important Phone Settings बदल दी जाएं, तो वही फोन ज्यादा तेज, स्मूद और बेहतर अनुभव देने लगता है।

सही नेविगेशन सेटिंग

नया फोन सेटअप करते समय सबसे ज्यादा नजरअंदाज की जाने वाली चीज होती है नेविगेशन सेटिंग। अधिकतर लोग थ्री बटन नेविगेशन को वैसे ही छोड़ देते हैं, क्योंकि वही उन्हें पुराना और आसान लगता है। लेकिन अगर आप फोन को सच में स्मूद चलाना चाहते हैं, तो जेस्चर नेविगेशन का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी हो जाता है। जेस्चर नेविगेशन से स्क्रीन के नीचे तीन बटन जगह नहीं घेरते और डिस्प्ले का पूरा एरिया इस्तेमाल में आता है। इससे फोन देखने में भी बड़ा लगता है और चलाने में भी आसान।

जेस्चर नेविगेशन से आप दोनों किनारों से स्वाइप करके बैक जा सकते हैं, नीचे से ऊपर स्वाइप करके हाल ही में खुले ऐप्स देख सकते हैं और ऊपर से नीचे स्वाइप करके क्विक सेटिंग्स खोल सकते हैं। एक-दो दिन की आदत के बाद यह तरीका इतना आसान लगने लगता है कि फिर बटन वाला सिस्टम पुराना महसूस होता है। अगर आपने सेटअप के समय इसे नहीं चुना था, तो बाद में भी सेटिंग्स में जाकर इसे आसानी से बदला जा सकता है।

फालतू ऐप्स को कहें बॉय

फोन की परफॉर्मेंस खराब होने की एक बड़ी वजह होती है फालतू ऐप्स। नया फोन खरीदते समय उसमें कई ऐसे ऐप पहले से इंस्टॉल होते हैं जिनका इस्तेमाल हम कभी नहीं करते। ये ऐप बैकग्राउंड में चलते रहते हैं, इंटरनेट और रैम का इस्तेमाल करते हैं और धीरे-धीरे फोन को स्लो बना देते हैं। कई बार यूजर को पता भी नहीं चलता कि फोन क्यों हैंग हो रहा है। फोन खरीदने के बाद सबसे जरूरी काम यही होता है कि इन पहले से इंस्टॉल ऐप्स को हटाया जाए या फिर डिसेबल किया जाए। ऐसा करने से प्रोसेसर पर बेकार का लोड नहीं पड़ता और बैटरी भी ज्यादा देर तक चलती है। जो ऐप काम के नहीं हैं, उन्हें फोन में रखने का कोई फायदा नहीं होता। फोन जितना साफ रहेगा, उतनी ही बेहतर उसकी परफॉर्मेंस होगी।

सही रिफ्रेश रेट

आजकल लगभग हर फोन में हाई रिफ्रेश रेट डिस्प्ले मिलने लगी है। 90Hz, 120Hz या उससे भी ज्यादा रिफ्रेश रेट वाले फोन बाजार में आसानी से मिल जाते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर फोन डिफॉल्ट रूप से लो या ऑटो रिफ्रेश रेट पर सेट होते हैं। इसका मतलब यह है कि फोन खुद तय करता है कि कहां ज्यादा रिफ्रेश रेट चाहिए और कहां नहीं। अगर आप फोन से स्मूद अनुभव चाहते हैं, तो डिस्प्ले सेटिंग्स में जाकर रिफ्रेश रेट को हाई पर सेट करना बहुत जरूरी है। इससे स्क्रॉलिंग, ऐप खोलना और गेम खेलना काफी स्मूद लगता है। फर्क आपको पहले ही दिन नजर आने लगता है। हां, इससे बैटरी थोड़ी ज्यादा खर्च हो सकती है, लेकिन जो लोग परफॉर्मेंस पसंद करते हैं, उनके लिए यह सेटिंग काफी काम की साबित होती है।

बेस्ट डिस्प्ले क्वालिटी

रिफ्रेश रेट के साथ-साथ डिस्प्ले की क्वालिटी भी बहुत मायने रखती है। कई स्मार्टफोन ऐसे होते हैं जिनकी स्क्रीन काफी शानदार होती है, लेकिन डिफॉल्ट रूप से उसकी क्वालिटी कम रखी जाती है। इसका मकसद सिर्फ बैटरी बचाना होता है। ऐसे में यूजर फोन इस्तेमाल करता रहता है, लेकिन उसे कभी पता ही नहीं चलता कि उसके फोन की स्क्रीन कितनी अच्छी हो सकती है। डिस्प्ले सेटिंग्स में जाकर स्क्रीन रेजोल्यूशन को सबसे हाई लेवल पर सेट करना चाहिए। कुछ फोन में इसे HD, FHD, QHD या UHD जैसे नाम से दिया जाता है। सबसे ऊपर वाला ऑप्शन चुनते ही डिस्प्ले ज्यादा शार्प, कलरफुल और साफ दिखने लगती है। वीडियो देखने, फोटो देखने और सोशल मीडिया इस्तेमाल करने का मजा दोगुना हो जाता है।

सही बैटरी मोड

फोन की बैटरी सेटिंग भी एक ऐसी चीज है जिसे लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं। ज्यादातर स्मार्टफोन में डिफॉल्ट रूप से बैटरी सेविंग या बैलेंस्ड मोड चालू रहता है। इससे बैटरी तो बचती है, लेकिन फोन की स्पीड और परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है। ऐप जल्दी खुलने के बजाय थोड़ा टाइम लेने लगते हैं और गेमिंग में भी फर्क महसूस होता है। अगर आप चाहते हैं कि फोन अपनी पूरी ताकत दिखाए, तो बैटरी सेटिंग्स में जाकर परफॉर्मेंस मोड या बूस्ट मोड को चुनना चाहिए। इससे प्रोसेसर पूरी क्षमता से काम करता है और फोन ज्यादा तेज चलता है। हालांकि जो लोग ज्यादा बैटरी बैकअप चाहते हैं, वे इस सेटिंग को अपने इस्तेमाल के हिसाब से बदल सकते हैं।

इन सभी Important Phone Settings को बदलने के बाद फोन का अनुभव पूरी तरह बदल जाता है। वही फोन जो पहले स्लो लगता था, अब तेज और स्मूद चलने लगता है। बैटरी का इस्तेमाल भी ज्यादा समझदारी से होता है और डिस्प्ले की क्वालिटी भी बेहतर नजर आती है। इसलिए नया फोन लेने के बाद या पुराने फोन में भी इन सेटिंग्स को एक बार जरूर चेक करना चाहिए।

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Important Phone Settings Summary

Setting NameDefault StatusRecommended SettingBenefit
Navigation ModeThree ButtonGesture NavigationSmooth control, full screen usage
Pre-installed AppsEnabledRemove / DisableBetter performance, less lag
Display Refresh RateAuto / LowHigh Refresh RateSmooth scrolling and animations
Screen ResolutionLow / MediumHighest AvailableBetter display clarity
Battery ModeBalanced / SaverPerformance / Boost ModeFaster phone performance

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