Made in India iPhones ने रच दिया इतिहास, विदेशों में करोड़ों के फोन बिके!

पिछले कुछ सालों में भारत ने टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में जो तरक्की की है, उसका असर अब साफ दिखाई देने लगा है। खासकर स्मार्टफोन सेक्टर में भारत ने जो मुकाम हासिल किया है, वह किसी बड़ी कामयाबी से कम नहीं है। Made in India iPhones आज सिर्फ देश के लोगों के हाथों में ही नहीं हैं, बल्कि विदेशों में भी तेजी से पसंद किए जा रहे हैं। यह बदलाव अचानक नहीं आया, बल्कि इसके पीछे सरकार की नीतियां, कंपनियों का भरोसा और भारतीय मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम की मेहनत शामिल है।

आज जब कोई यह सुनता है कि iPhone भारत में बना है और दुनिया भर में एक्सपोर्ट हो रहा है, तो गर्व महसूस होना लाजमी है। एक समय था जब भारत को सिर्फ स्मार्टफोन का बड़ा बाजार माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। भारत अब स्मार्टफोन बनाने और भेजने वाले बड़े देशों में शामिल हो गया है।

रिकॉर्ड तोड़ निर्यात

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच भारत से करीब 10 अरब डॉलर यानी लगभग 88,500 करोड़ रुपये के iPhone विदेश भेजे गए हैं। यह आंकड़ा पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 75 प्रतिशत ज्यादा है। यह दिखाता है कि Made in India iPhones की मांग दुनिया भर में कितनी तेजी से बढ़ रही है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह उस भरोसे की कहानी है जो अंतरराष्ट्रीय बाजार ने भारत पर दिखाया है। जिन देशों में पहले चीन या दूसरे देशों में बने फोन ज्यादा जाते थे, अब वहां भारत में बने iPhone भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

सरकार और नीति

इस कामयाबी के पीछे सरकार की ‘मेक इन इंडिया’ पहल और PLI जैसी योजनाओं का बड़ा हाथ माना जा रहा है। इन नीतियों ने बड़ी कंपनियों को भारत में निवेश करने और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। जब कंपनियों को यहां बेहतर माहौल, कुशल कामगार और सपोर्ट मिला, तो उन्होंने भारत को अपना बड़ा प्रोडक्शन हब बनाना शुरू कर दिया। देश के आईटी मंत्री Ashwini Vaishnaw ने भी इस उपलब्धि पर कहा है कि भारत में बने प्रोडक्ट्स पर अब पूरी दुनिया भरोसा कर रही है। उनका यह बयान सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उस सच्चाई को दिखाता है कि भारत अब क्वालिटी और स्केल दोनों में आगे बढ़ रहा है।

टूटे सारे पुराने रिकॉर्ड

अगर सिर्फ सितंबर महीने की बात करें, तो आंकड़े और भी ज्यादा हैरान करने वाले हैं। सितंबर में अकेले करीब 1.25 अरब डॉलर यानी लगभग 10,400 करोड़ रुपये के iPhone भारत से एक्सपोर्ट किए गए। पिछले साल इसी महीने यह आंकड़ा सिर्फ 49 करोड़ डॉलर के आसपास था। इस तेजी से साफ पता चलता है कि भारत में iPhone का उत्पादन कितनी तेजी से बढ़ रहा है। फैक्ट्रियों की क्षमता बढ़ी है, सप्लाई चेन मजबूत हुई है और समय पर डिलीवरी भी बेहतर हुई है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अब भारत को लंबे समय के लिए मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही हैं।

स्मार्टफोन सेक्टर में उछाल

Made in India iPhones की सफलता सिर्फ iPhone तक सीमित नहीं है। इंडस्ट्री के अनुमान बताते हैं कि वित्त वर्ष 2026 के पहले पांच महीनों में भारत का कुल स्मार्टफोन निर्यात 1 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया है। यह पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के मुकाबले करीब 55 प्रतिशत ज्यादा है। इसका मतलब यह है कि भारत अब हर तरह के स्मार्टफोन, चाहे वे बजट हों या प्रीमियम, बड़ी मात्रा में बनाकर विदेश भेज रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा हो रहा है और लाखों लोगों को रोजगार भी मिल रहा है।

प्रीमियम स्मार्टफोन की बढ़ती मांग

इंटरनेशनल डेटा कॉर्पोरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2025 की पहली छमाही में भारत का स्मार्टफोन बाजार सालाना आधार पर करीब 2 प्रतिशत बढ़ा है। इस दौरान कुल 6 करोड़ यूनिट्स की शिपमेंट हुई। इस ग्रोथ में सबसे बड़ा योगदान प्रीमियम स्मार्टफोन का रहा, जिनकी कीमत 50 हजार रुपये से ज्यादा है। वहीं 10 हजार से 20 हजार रुपये का सेगमेंट अभी भी सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इसका मतलब यह है कि भारत में हर तरह के ग्राहक मौजूद हैं, जो अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से फोन खरीद रहे हैं।

उत्तर-दक्षिण भारत में तेज ग्रोथ

अगर क्षेत्रीय आंकड़ों पर नजर डालें, तो उत्तर भारत स्मार्टफोन बाजार में सबसे आगे रहा है। यहां करीब 33 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई है। वहीं, सबसे तेज ग्रोथ दक्षिण भारत में देखने को मिली है। यह दिखाता है कि स्मार्टफोन की मांग सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी लोग अब नए और बेहतर फोन खरीदने लगे हैं।

एप्पल तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड

इन सब आंकड़ों के बीच एक और दिलचस्प बात सामने आई है। शिपमेंट के मामले में Apple सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड बनकर उभरा है। IDC की रिपोर्ट के मुताबिक, Apple की शिपमेंट में करीब 35 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है। वहीं साइबरमीडिया रिसर्च की रिपोर्ट कहती है कि आने वाले त्योहारों के मौसम में प्रीमियम स्मार्टफोन की बिक्री और बढ़ सकती है। इससे बाजार की कुल वैल्यू में भी बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।

फ्लैगशिप फोन की मांग

आज के समय में लोग सिर्फ सस्ता फोन नहीं, बल्कि बेहतर कैमरा, परफॉर्मेंस और फीचर्स वाला फोन चाहते हैं। यही वजह है कि 50 हजार से 1 लाख रुपये की कीमत वाले सुपर प्रीमियम फोन की मांग तेजी से बढ़ रही है। इसके अलावा 1 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले अल्ट्रा प्रीमियम फोन की बिक्री में भी जबरदस्त उछाल देखने को मिल सकता है। Made in India iPhones इस सेगमेंट में भारत की मजबूत मौजूदगी को दिखाते हैं।

मेक इन इंडिया

इन सभी आंकड़ों से एक बात साफ हो जाती है कि ‘मेक इन इंडिया’ अब सिर्फ एक नारा नहीं रह गया है। यह एक मजबूत हकीकत बन चुका है। भारत अब न सिर्फ अपने लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए हाई क्वालिटी इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट्स बना रहा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है, विदेशी मुद्रा आ रही है और लाखों लोगों को काम मिल रहा है। आने वाले समय में उम्मीद है कि और भी बड़ी कंपनियां भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करेंगी।

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Made in India iPhones जानकारी

जानकारीविवरण
निर्यात अवधिअप्रैल से सितंबर
कुल iPhone निर्यातलगभग 10 अरब डॉलर
भारतीय मुद्रा में मूल्यकरीब 88,500 करोड़ रुपये
सालाना बढ़ोतरी75 प्रतिशत
सितंबर निर्यात1.25 अरब डॉलर
स्मार्टफोन कुल निर्यात1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा
सबसे तेज़ ब्रांड ग्रोथApple
प्रमुख पहलMake in India, PLI Scheme

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